India-US ट्रेड डील से Textile शेयरों में 20% का अपर सर्किट: Nifty, Sensex ने बनाया 4 साल का रिकॉर्ड

Textile stocks: अमेरिका और भारत के बीच हुए नए व्यापार समझौते की खबर के बाद आज 3 फरवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार में Textile सेक्टर के शेयरों में भारी खरीदारी देखी गई। NSE पर कई प्रमुख टेक्सटाइल कंपनियों के शेयर 20% तक चढ़ गए और शुरुआती कारोबार में ही इनमें अपर सर्किट लग गया। इस तेजी की मुख्य वजह अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर टैरिफ यानी आयात शुल्क में कटौती करना है। बाजार खुलते ही Gokaldas Exports और Kitex Garments जैसे शेयरों में भारी वॉल्यूम के साथ 20% का उछाल आया हैं।

टेक्सटाइल स्टॉक्स में जबरदस्त अपर सर्किट

बाजार के आंकड़ों के अनुसार सुबह 10:15 बजे तक टेक्सटाइल शेयरों ने बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी-50 के मुकाबले काफी बेहतर प्रदर्शन किया हैं। उस समय Trident का शेयर 10% ऊपर ट्रेड कर रहा था और KPR Mill में 16% की बढ़त बनी हुई थी। रिलायंस ग्रुप की कंपनी Alok Industries उस वक्त 6% ऊपर थी और Arvind का शेयर 11% की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था। दिन के अंत तक Gokaldas Exports का शेयर 20% के अपर सर्किट के साथ 694.05 रुपये पर बंद हुआ। वहीं Indo Count Industries भी 20% चढ़कर 286.33 रुपये पर पहुँच गया। Welspun Living में लगभग 18% की तेजी रही और यह 144.20 रुपये पर बंद हुआ। Trident का शेयर अंत में 12% से ज्यादा बढ़कर 28.98 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। Vardhman Textiles भी करीब 12% चढ़कर 510.90 रुपये पर ट्रेड करता दिखा।

Nifty और Sensex में 4 साल की सबसे बड़ी इंट्रा-डे तेजी

टेक्सटाइल सेक्टर में आए इस उत्साह का असर पूरे शेयर बाजार पर दिखाई दिया हैं। बेंचमार्क इंडेक्स ने आज पिछले चार सालों में एक दिन की सबसे बड़ी तेजी दर्ज की है। निफ्टी में लगभग 5% का जबरदस्त उछाल आया और यह 1250 अंक बढ़कर 26300 के स्तर को पार कर गया। इसी तरह बीएसई सेंसेक्स भी 5% से ज्यादा उछला और 85800 के स्तर के ऊपर कारोबार करता नजर आया। बाजार के जानकारों का कहना है कि यह रैली मुख्य रूप से अमेरिका में भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए ऑर्डर फ्लो बढ़ने और बेहतर प्राइसिंग पावर मिलने की उम्मीद के कारण आई है। टेक्सटाइल कंपनियों की कुल आय का 50% से 70% हिस्सा अमेरिका से आता है इसलिए टैरिफ कम होनेका सीधा असर इनके मुनाफे पर पड़ेगा।

टैरिफ कटौती और बजट घोषणाओं का दोहरा असर

इस तेजी के पीछे दो बड़े कारण हैं, पहला कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बातचीत के बाद रेसिप्रोकल टैरिफ का 25% से घटकर 18% होना है। इससे भारतीय Exports को अमेरिकी बाजार में 7% का सीधा मार्जिन लाभ मिलेगा। दूसरा बड़ा कारण Budget 2026-27 की घोषणाएं हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाने का ऐलान किया है जो चैलेंज मोड में तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा सरकार ने टेक्सटाइल और लेदर गारमेंट्स के Exports के लिए एक बड़ी राहत दी है। अब ड्यूटी फ्री इंपोर्ट किए गए कच्चे माल से बने उत्पादों को निर्यात करने की समय सीमा 6 महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दी गईहै। इन फैसलों से एक्सपोर्टर्स पर वर्किंग कैपिटल का दबाव कम होगा और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शिक्षा और सूचना के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। Kuberly.in और इसके लेखक सेबी रजिस्टर्ड वित्तीय सलाहकार नहीं हैं। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स की खुद जांच करें और अपने प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। किसी भी लाभ या हानि के लिए लेखक या वेबसाइट जिम्मेदार नहीं होंगे।

Ismat Ansari Kuberly के Founder और Stock Market Researcher हैं। वे कई सालों से भारतीय शेयर बाजार, IPO, Mutual Funds और रोज़ाना मार्केट न्यूज़ को कवर कर रहे हैं। वे कंपनी के फंडामेंटल, मार्केट ट्रेंड और आर्थिक खबरों का रिसर्च करके आसान और सही जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं।

Leave a Comment