Suzlon Energy Share Price Target 2026: Suzlon Energy के निवेशकों के लिए पिछले कुछ महीने काफी मुश्किल भरे रहे हैं। यह शेयर अपने 52-हफ्ते के हाई से करीब 63% टूट चुका है और अब अपने 52 हफ्ते के लो लेवल के पास पहुँच गया है। लेकिन इस डर के माहौल के बीच ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने निवेशकों को उम्मीद की किरण दिखाई है। फर्म का मानना है कि मौजूदा प्राइस पर शेयर बहुत आकर्षक लग रहा है और यहाँ से इसमें 60% का अपसाइड टारगेट देखने को मिल सकती है।
Suzlon शेयर प्राइस: 52-हफ्ते के निचले स्तर के करीब
शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को Suzlon Energy का शेयर 2.44% गिरकर 45.7 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। स्टॉक का हालिया प्रदर्शन कमजोर रहा है और यह अपने 52 हफ्ते के लो यानि के 44.8 रुपये से महज कुछ पैसे ऊपर है। FY26 में अब तक यह काफी टूट चुका है। आज की गिरावट से कंपनी का मार्केट कैप घटकर 62,123 करोड़ रुपये रह गया है। स्टॉक ने मई 2025 में 74.3 रुपये का हाई बनाया था, वहां से यह भारी डिस्काउंट पर मिल रहा है। कंपनी का P/E रेश्यो 19.2 पर आ गया है।
| Current Price | ₹ 45.7 (13 Feb Close) |
| Day Change | -2.44% |
| 52 Week High/Low | ₹ 74.3 / ₹ 44.8 |
| Market Cap | ₹ 62,123 Cr |
| Stock P/E | 19.2 |
| Live Status | Check on NSE/BSE |
क्या है ब्रोकरेज की राय?
Suzlon Energy में लगातार रही गिरावट के बाद भी Motilal Oswal ने शेयर पर अपना भरोसा बनाए रखा है। ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 74 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 45.7 रुपये को देखते हुए, यह करीब 60% रिटर्न का मौका है। ब्रोकरेज का साफ कहना है कि वैल्युएशन अब काफी सस्ते हो गए हैं और Risk-Reward Ratio पूरी तरह से निवेशकों के पक्ष में है।
Motilal Oswal ने अपनी रिपोर्ट में 2030 तक 20 से 24 GW की नई डिमांड का एस्टीमेट लगाया है। यह सरकार के 100 GW विंड कैपेसिटी टारगेट के अलावा होगी। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा 45% Commercial aur Industrial कंज्यूमर्स का होगा, जबकि 35% PSU और 20% डेटा सेंटर्स से आएगा। ब्रोकरेज ने चीन का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां विंड एनर्जी की हिस्सेदारी 25% से घटकर 18% जरूर हुई, लेकिन कुल विंड कैपेसिटी 2.4 गुना बढ़ गई। भारत में भी ऐसा ही ट्रेंड देखने को मिल सकता है, खासकर जब कई प्रोजेक्ट्स FDRE के तौर पर फिर से बिड होंगे। फिलहाल 15 से 17 GW के प्रोजेक्ट्स बिडिंग स्टेज पर हैं जो अच्छी विजिबिलिटी दिखाते हैं।
ऑर्डर बुक और तिमाही नतीजे
अभी कंपनी के पास 6.5 GW की मजबूत ऑर्डर बुक है। ब्रोकरेज के मुताबिक Suzlon के पास FY26 की दूसरी छमाही के लिए 1.5 GW और FY27 के लिए 3.4 GW की डिलीवरी का पूरा कवरेज है। इतना ही नहीं FY28 की एस्टीमेटेड 4 GW डिलीवरी का 38% हिस्सा भी अभी से कवर हो चुका है। कंपनी अपनी EPC स्ट्रैटेजी पर भी फोकस कर रही है और इसे ऑर्डर बुक का 50% तक ले जाना चाहती है जो इसे चीनी कंपनियों के मुकाबले मजबूत बनाता है।
दिसंबर तिमाही यानी Q3 को लेकर भी ब्रोकरेज के अनुमान काफी पॉजिटिव हैं, रेवेन्यू में सालाना आधार पर 52% और तिमाही आधार पर 17% की बढ़ोतरी का एस्टीमेट है। इस तिमाही में कंपनी 671 मेगावाट के विंड टर्बाइन ऑर्डर पूरे कर सकती है जो पिछले साल के मुकाबले 50% ज्यादा है। EBITDA में 66% का भारी उछाल आने और मार्जिन 18% रहने की उम्मीद है। मैनेजमेंट को भरोसा है कि FY27 की शुरुआत से उन्हें एक्सपोर्ट ऑर्डर मिलने लगेंगे जिसकी सप्लाई FY28 से शुरू होगी।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शिक्षा और सूचना के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। Kuberly.in और इसके लेखक सेबी रजिस्टर्ड वित्तीय सलाहकार नहीं हैं। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स की खुद जांच करें और अपने प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। किसी भी लाभ या हानि के लिए लेखक या वेबसाइट जिम्मेदार नहीं होंगे।